Monday, November 19, 2018

Khud k hi bayaan mein phas gye pm modi ho gyi badi samasya

नमस्कार, दोस्तों आज हम आपको बताने जा रहे है कि कैसे मोदी जी अपने ही बयान में उलझ गए। अपने ही बयान में उलझ गये हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। उन्होंने मान लिया है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस में लोकतांत्रिक प्रणाली विकसित की थी। आप चौंक जाएंगे। ऐसा कैसे हो सकता है! मोदी! और, वो जवाहरलाल नेहरू की क्षमता को मान लें! लेकिन यही सच है! इस सच को महसूस करने के लिए आपको करना होगा थोड़ा इंतज़ार।

नरेंद्र मोदी ने अम्बिकापुर में कांग्रेस को 5 साल के लिए नेहरू-गांधी परिवार से इतर व्यक्ति को अध्यक्ष बनाने की चुनौती दे डाली, जबकि खुद बीजेपी का संविधान ऐसा करने की इजाजत नहीं देता। बीजेपी में दो साल का लगातार दो कार्यकाल ही हो सकता है। अमित शाह के लिए यह नियम तोड़ा गया है। तस्वीर न्यूज़रूम पोस्ट।

सबसे पहले आप ये जानिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर में रैली को संबोधित करते हुए कहा क्या-

“अगर आपके भीतर लोकतंत्र की इतनी ही परंपरा है तो एक बार बस पांच साल के लिए गांधी परिवार के बाहर किसी व्यक्ति को पार्टी अध्यक्ष बना दें।"

मोदी ने आगे यह भी जोड़ दिया कि ऐसा होने पर ही उन्हें विश्वास होगा कि जवाहरलाल नेहरू ने वहां लोकतांत्रिक प्रणाली विकसित की थी।

आश्चर्य की बात ये है कि खुद बीजेपी का संविधान यह अनुमति नहीं देता कि कोई नेता पार्टी अध्यक्ष के तौर पर 5 साल लगातार अपने पद पर बने रहे। दो से अधिक के कार्यकाल की इजाजत नहीं पार्टी का संविधान नहीं देती है। यह बात अलग है कि मोदी-शाह की जोड़ी ने इस संविधान में संशोधन कर डाला है और उसी हिसाब से अमित शाह के कार्यकाल को विस्तार दे दिया गया है। बीजेपी में अब तक 38 साल में 13 नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाई है।

सवाल ये है कि जब बीजेपी खुद लगातार 5 साल के कार्यकाल को अलोकतांत्रिक मानती है तो वह कांग्रेस को अलोकतांत्रिक होने की चुनौती कैसे दे सकती है? अब तो बात समझ में आ रही होगी कि नरेंद्र मोदी ने कितनी बड़ी गलतबयानी कर डाली है।

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